Hariyali Teej 2026: 14 या 15 अगस्त? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
सावन महीने की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरियाली तीज का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। यह पर्व पति की लंबी उम्र, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना करती हैं।
अक्सर तिथियों के फेरबदल के कारण लोगों के मन में संशय बना रहता है कि Hariyali Teej kab hai: 14 या 15 अगस्त? आइए, इस ब्लॉग में आपकी इसी उलझन को दूर करते हैं और जानते हैं सही तारीख व पूजा का मुहूर्त।
Hariyali Teej kab hai: 14 या 15 अगस्त 2026?
हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 अगस्त 2026 की दोपहर से शुरू होकर 15 अगस्त 2026 को दोपहर तक रहेगी।
सनातन परंपरा और वैदिक ज्योतिष में कोई भी व्रत या पर्व उदया तिथि (सूर्योदय के समय पड़ने वाली तिथि) के आधार पर मनाया जाता है। चूंकि 15 अगस्त को सूर्योदय के समय तृतीया तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए हरियाली तीज का व्रत 15 अगस्त 2026 को ही रखा जाएगा।
यदि कोई आपसे पूछे कि Hariyali Teej kab hai, तो इसका शास्त्रसम्मत जवाब 15 अगस्त 2026 ही है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
15 अगस्त को पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं:
प्रातःकाल पूजा मुहूर्त: सुबह 06:15 AM से 08:45 AM तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 PM से 12:50 PM तक
प्रदोष काल (संध्या पूजा) मुहूर्त: शाम 06:30 PM से रात 08:15 PM तक
(विशेष रूप से शाम के समय यानी प्रदोष काल में शिव-पार्वती का पूजन करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।)
हरियाली तीज का महत्व और पूजा विधि
शास्त्रों के अनुसार, इसी तिथि को माता पार्वती की 108 वर्षों की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया था।
संक्षिप्त पूजा विधि:
प्रातः स्नान व संकल्प: सुबह स्नान करके हरे रंग के वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें।
मूर्ति स्थापना: मिट्टी से शिव-पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाएं या उनकी तस्वीर चौकी पर स्थापित करें।
पूजा सामग्री: भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, चंदन और दूध अर्पित करें। माता पार्वती को 16 श्रृंगार का सामान (सिंदूर, हरी चूड़ियां, चुनरी आदि) चढ़ाएं।
कथा व आरती: दीप जलाकर हरियाली तीज की कथा सुनें और आरती करें।
जब भी आप विचार करें कि Hariyali Teej kab hai और इसकी तैयारी कैसे करें, तो इस सरल विधि से पूजा संपन्न करके अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त कर सकती हैं।
ध्यान रखने योग्य बातें
क्या करें: 16 श्रृंगार करें, हरे रंग के वस्त्र धारण करें और पूजा के बाद बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें।
क्या न करें: व्रत के दिन काले या सफेद वस्त्र न पहनें और किसी से भी वाद-विवाद से बचें।
आशा है कि अब आपको समझ आ गया होगा कि Hariyali Teej kab hai। आप सभी को हरियाली तीज की हार्दिक शुभकामनाएं!
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