गणेश चतुर्थी 2026: 10 दिनों में गणपति को लगाएं ये खास भोग
गणेशोत्सव के पावन पर्व पर विघ्नहर्ता भगवान गणेश का स्वागत बहुत धूमधाम से किया जाता है। गणेश चतुर्थी 2026 के इन 10 दिनों में पूजा के साथ बप्पा को लगाए जाने वाले भोग का बहुत बड़ा महत्व है। आइए जानते हैं कि गणेश चतुर्थी 2026 के पहले से 10वें दिन तक बप्पा को कौन-से भोग लगाने चाहिए।
पहले दिन का भोग: मोदक
गणेश चतुर्थी 2026 पर घर में स्थापना के समय सबसे पहला भोग मोदक का होना चाहिए। मोदक बुद्धि और ज्ञान का प्रतीक है। पहले दिन 21 मोदक अर्पित करें। आचार्य शरद जी ने कहा है कि मोदक का भोग लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और बुद्धि का संचार होता है।
दूसरे से नौवें दिन के भोग
दूसरा दिन: मोतीचूर के लड्डू और पंचामृत।
तीसरा दिन: केला, सेब और अनार जैसे ताजे फल।
चौथा दिन: मखाने या चावल की खीर।
पाँचवा दिन: चने की दाल और गुड़ की पूरन पोली। आचार्य शरद जी ने कहा है कि पूरन पोली से परिवार में प्रेम और मिफ़ास बढ़ती है।
छठा दिन: कच्चा नारियल और शुद्ध गुड़।
सातवां दिन: बेसन की बर्फी और सूखे मेवे।
आठवां दिन: अनरसा या मालपुआ।
नौवां दिन: पान का बीड़ा और इलायची। आचार्य शरद जी ने कहा है कि यह भोग रुके कार्यों को गति देता है।
10वें दिन का महाप्रसाद
अनंत चतुर्दशी यानी 10वें दिन गणेशोत्सव का समापन होता है। गणेश चतुर्थी 2026 के अंतिम दिन 108 मोदक, पूरी-सब्जी और मिठाइयों का महाप्रसाद लगाएं। विसर्जन से पहले दही-चिवड़ा का भोग लगाएं। आचार्य शरद जी ने कहा है कि यह महाप्रसाद सारे कष्ट दूर करके घर में सुख-समृद्धि लाता है। भोग हमेशा शुद्ध और ताजा रखें, तथा तुलसी का प्रयोग न करें।
नाम: आचार्य शरद स्वरूप
संपर्क सूत्र: 9818359075 | 9953359075
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