Navratri Day 1: माँ शैलपुत्री पूजा विधि और घटस्थापना
शारदीय नवरात्रि सनातन धर्म का सबसे पवित्र पर्व है। नवरात्रि का पहला दिन माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री को समर्पित होता है। इस दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना (कलश स्थापना) करके शक्ति पूजा का संकल्प लिया जाता है।
Navratri 1st Day का महत्व
माँ शैलपुत्री हिमालयराज की पुत्री हैं और धैर्य, स्थिरता व शांति की देवी मानी जाती हैं। इनका वाहन वृषभ (बैल) है और इनके हाथों में त्रिशूल व कमल सुशोभित है।
आचार्य शरद जी ने कहा है कि माँ शैलपुत्री का संबंध चंद्रमा ग्रह से है। Navratri 1st Day पर माँ शैलपुत्री की उपासना करने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। भविष्य नक्षत्र के अनुसार, पहले दिन की सही पूजा से पूरे वर्ष घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
कलश स्थापना (घटस्थापना) की आसान विधि
कलश को ब्रह्मांड और सभी देवी-देवताओं का आवास माना गया है। आचार्य शरद जी ने कहा है कि सही समय पर कलश स्थापना करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
स्थान: ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को स्वच्छ करके गंगाजल छिड़कें।
जौ बोना: मिट्टी के पात्र में स्वच्छ मिट्टी डालकर उसमें ‘जौ’ (यव) के बीज बोएं।
कलश सजाना: तांबे या मिट्टी के कलश पर स्वास्तिक बनाएं, गले में कलावा बांधें और जल, गंगाजल, सिक्का, सुपारी व अक्षत डालें।
पत्ते और नारियल: कलश पर आम या अशोक के 5-7 पत्ते रखें। नारियल पर लाल चुनरी लपेटकर कलश के ऊपर स्थापित करें।
संकल्प: हाथ में जल और अक्षत लेकर 9 दिनों के व्रत-पूजा का संकल्प लें।
माँ शैलपुत्री की पूजा विधि
कलश स्थापना के बाद माँ शैलपुत्री की प्रतिमा लाल वस्त्र पर स्थापित करें।
माँ को रोली, अक्षत, कुमकुम और सफेद फूल (जो माँ को अत्यंत प्रिय हैं) अर्पित करें।
भोग: माँ शैलपुत्री को गाय के शुद्ध देसी घी का भोग लगाएं। आचार्य शरद जी ने कहा है कि घी का भोग लगाने से व्यक्ति को आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है।
धूप-दीप जलाकर आरती करें और प्रसाद बांटें।
ध्यान मंत्र:
वंदे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
नवरात्रि के पहले दिन करें ये विशेष उपाय
ज्योतिष शास्त्र संस्थान भविष्य नक्षत्र के अनुसार, पहले दिन ये सरल उपाय जरूर करें:
मानसिक शांति के लिए: माँ को सफेद मखाने की खीर अर्पित करें।
आर्थिक समृद्धि के लिए: कलश में चांदी का सिक्का और एक साबुत हल्दी की गांठ डालें।
सकारात्मकता के लिए: घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाएं।
ज्योतिषीय परामर्श हेतु संपर्क करें:
किसी भी प्रकार के ज्योतिषीय मार्गदर्शन, कुंडली विश्लेषण या वास्तु परामर्श के लिए भविष्य नक्षत्र से संपर्क करें।
आचार्य शरद स्वरूप (Acharya Sharad Swarup)
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