गोवर्धन पूजा शुभ मुहूर्त 2026
सनातन धर्म में दीपावली के बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा 2026 (अन्नकूट महोत्सव) मनाई जाती है। यह पर्व प्रकृति, पर्यावरण और भगवान श्री कृष्ण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है।
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य शरद जी ने कहा है कि सही उदयातिथि और शुभ मुहूर्त में की गई पूजा ही पूर्ण फलदायी होती है। भविष्य नक्षत्र के अनुसार इस पर्व की सटीक जानकारी नीचे दी गई है:
1. तिथि एवं शुभ मुहूर्त
वर्ष 2026 में प्रतिपदा तिथि 9 नवंबर दोपहर से शुरू होकर 10 नवंबर दोपहर तक रहेगी। उदयातिथि के नियम अनुसार पूजा 10 नवंबर को ही होगी।
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 9 नवंबर 2026 (दोपहर 12:32 बजे)
प्रतिपदा तिथि समाप्त: 10 नवंबर 2026 (दोपहर 02:01 बजे)
गोवर्धन पूजा तिथि: 10 नवंबर 2026 (मंगलवार)
प्रातःकाल शुभ मुहूर्त: सुबह 06:34 AM से 08:45 AM तक
सायंकाल (प्रदोष) मुहूर्त: शाम 03:30 PM से 05:45 PM तक
2. संक्षिप्त पूजा विधि
आचार्य शरद जी ने कहा है कि गोवर्धन पूजा में इन मुख्य चरणों का पालन करें:
गोवर्धन निर्माण: घर के आँगन में स्वच्छ गाय के गोबर से गोवर्धन महाराज की लेटी हुई आकृति बनाएं।
दीपक व पंचामृत: नाभि के स्थान पर मिट्टी का दीपक रखें और उसमें दूध, दही, गंगाजल, शहद और बताशे डालें।
पूजन सामग्री: रोली, अक्षत, धूप, दीप, गेंदे के फूल, खील और बताशे अर्पित करें।
परिक्रमा: हाथ में जल का लोटा लेकर गोवर्धन जी की 7 बार परिक्रमा करें।
गौ सेवा: गायों को स्नान कराकर तिलक लगाएं, आरती करें और गुड़ व रोटी खिलाएं।
3. अन्नकूट और 56 भोग
अन्नकूट का अर्थ: “अन्न का पहाड़”। इस दिन नए अनाज, कढ़ी-चावल, बाजरा और मौसमी सब्जियों का भोग लगाया जाता है।
56 भोग का रहस्य: श्री कृष्ण ने 7 दिनों तक बिना भोजन के गोवर्धन पर्वत उठाया था। 8वें दिन ब्रजवासियों ने 8 पहर के हिसाब से 56 व्यंजन (8 × 7 = 56) बनाकर अर्पित किए थे।
लेखक व ज्योतिषाचार्य:
Acharya Sharad Swarup
Bhavishya Nakshatra
📞 संपर्क सूत्र: 9818359075 | 9953359075
🌐 सोशल मीडिया:
🔴 YouTube: https://www.youtube.com/@BhavishyaNakshatra
📸 Instagram: https://www.instagram.com/bhavishyanakshatra/
🔵 Facebook: https://www.facebook.com/BhavishyaNakshatra.in/
