होलाष्टक 2026: तिथियां, महत्व और सावधानियां – आचार्य शरद स्वरूप का विशेष परामर्श

होलाष्टक 2026: तिथियां, महत्व और सावधानियां – आचार्य शरद स्वरूप का विशेष परामर्श

"Holashtak 2026 celestial background image with fire circle, zodiac signs, and meditating figure representing planetary energy and spiritual protection."

होलाष्टक (Holashtak) का अर्थ है होली से पहले के वो आठ दिन, जिन्हें ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही संवेदनशील और उग्र माना गया है। इस दौरान ग्रहों की ऊर्जा काफी तीव्र होती है, इसलिए शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है।

अगर आप अपने जीवन में ग्रहों के इस प्रभाव को समझना चाहते हैं या व्यक्तिगत ज्योतिषीय परामर्श चाहते हैं, तो आप आचार्य शरद स्वरूप से संपर्क कर सकते हैं।

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होलाष्टक 2026 की तिथि और समय (Dates & Timing)

साल 2026 में होलाष्टक की शुरुआत और समाप्ति की तिथियां निम्नलिखित हैं:

  • होलाष्टक प्रारंभ: 24 फरवरी, 2026 (मंगलवार)

  • होलाष्टक समाप्त: 3 मार्च, 2026 (मंगलवार) – होलिका दहन के साथ

  • होली (धुलेंडी): 4 मार्च, 2026 (बुधवार)

ज्योतिष के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से लेकर पूर्णिमा (होलिका दहन) तक का समय होलाष्टक कहलाता है।

दिन: किस दिन कौन से ग्रह होते हैं उग्र?

दिन (होलाष्टक)उग्र होने वाला ग्रहप्रभाव
पहला दिन (अष्टमी)चंद्रमा (Moon)मानसिक तनाव और बेचैनी
दूसरा दिन (नवमी)सूर्य (Sun)मान-सम्मान और अहंकार का टकराव
तीसरा दिन (दशमी)शनि (Saturn)कार्यों में बाधा और देरी
चौथा दिन (एकादशी)शुक्र (Venus)सुख-सुविधाओं में कमी
पांचवां दिन (द्वादशी)बृहस्पति (Jupiter)निर्णय लेने में भ्रम (Confusion)
छठा दिन (त्रयोदशी)बुध (Mercury)वाणी में कड़वाहट या विवाद
सातवां दिन (चतुर्दशी)मंगल (Mars)गुस्सा और दुर्घटना का भय
आठवां दिन (पूर्णिमा)राहु-केतुअचानक आने वाली परेशानियां

क्या है होलाष्टक? इसका अर्थ और महत्व (What Is Holashtak?)

‘होला’ और ‘अष्टक’ को मिलाकर बना है ‘होलाष्टक’, जिसका सीधा अर्थ है होली के आठ दिन। यह समय उत्सव से पहले अपनी आंतरिक शुद्धि (Purification) का होता है।

पौराणिक आधार: इसका पौराणिक संबंध भक्त प्रह्लाद और होलिका से है। इन आठ दिनों में प्रह्लाद को उनके पिता हिरण्यकश्यप ने भक्ति छोड़ने के लिए अनेक यातनाएं दी थीं। अंत में होलिका दहन बुराई और अहंकार के अंत का प्रतीक बना। इसलिए, होलाष्टक को मानसिक और आध्यात्मिक सफाई का समय माना जाता है।


ग्रह क्यों हो जाते हैं ‘उग्र’ (Aggressive)?

आचार्य शरद स्वरूप बताते हैं कि इस दौरान ग्रहों की कंपन (Vibrations) बहुत तेज और उग्र हो जाती है:

  1. ऋतु परिवर्तन: सर्दियों का जाना और वसंत का आना प्रकृति में अग्नि तत्व को बढ़ा देता है, जिससे स्वभाव में चिड़चिड़ापन या बेचैनी आ सकती है।

  2. ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव: इस दौरान सूर्य, मंगल, शनि, राहु और केतु जैसे ग्रह अधिक प्रभावशाली होते हैं, जो अहंकार, गुस्सा और भ्रम (Confusion) पैदा कर सकते हैं।

  3. चंद्रमा की संवेदनशीलता: चंद्रमा इन दिनों बढ़ रहा होता है (शुक्ल पक्ष), जिससे इंसान की भावनाएं बहुत ऊपर-नीचे होती हैं।


किन राशियों को रहना होगा अधिक सावधान?

होलाष्टक का प्रभाव सभी पर पड़ता है, लेकिन इन राशियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए:

  • मेष (Aries): मंगल के प्रभाव से जल्दबाजी और गुस्से में गलत फैसले ले सकते हैं।

  • कर्क (Cancer): भावनात्मक रूप से तनाव महसूस कर सकते हैं, वाणी पर संयम रखें।

  • सिंह (Leo): अहंकार के कारण रिश्तों में दरार आ सकती है, विनम्र रहें।

  • वृश्चिक (Scorpio): मानसिक अशांति और गुप्त चिंताएं सता सकती हैं।

  • मकर (Capricorn): शनि के कारण काम में देरी या दबाव महसूस हो सकता है।


होलाष्टक के दौरान क्या करें और क्या न करें?

इन कार्यों से बचें (Things to Avoid):

  • विवाह, सगाई या रोका।

  • नए घर का निर्माण या गृह प्रवेश।

  • नया व्यापार या बड़ा निवेश शुरू करना।

  • मुंडन या नामकरण जैसे संस्कार।

बचाव के उपाय (Tips for Protection):

  1. मंत्र जाप: ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

  2. वस्त्रों का चुनाव: नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए सफेद, क्रीम या हल्के रंगों के वस्त्र पहनें। गहरे काले रंगों से बचें।

  3. दान: अनाज, गुड़ या तिल का दान करना शुभ होता है।

  4. संयम: वाद-विवाद से दूर रहें और ध्यान (Meditation) करें।


निष्कर्ष

होलाष्टक कोई डरने का समय नहीं है, बल्कि यह खुद को तराशने और धैर्य रखने का समय है। उचित सावधानी और भक्ति के साथ आप इस संक्रमण काल को सुखमय बना सकते हैं।

यदि आपको लगता है कि ग्रह स्थिति आपके कार्यों में बाधा डाल रही है, तो सटीक समाधान के लिए आचार्य शरद स्वरूप से परामर्श लें।

📱 कॉल/व्हाट्सएप: 9818359075 📍 ज्योतिष मार्गदर्शन 2026

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