नवरात्रि का पर्व शक्ति, साधना और श्रद्धा का प्रतीक है। नौ दिनों तक माँ दुर्गा के नौ रूपों की उपासना की जाती है। हर देवी का एक विशिष्ट ऊर्जा केंद्र होता है जो जीवन के अलग-अलग पहलुओं को प्रभावित करता है।
ज्योतिष के अनुसार, प्रत्येक राशि का संबंध माँ दुर्गा के किसी न किसी रूप से होता है। इन रूपों की सही पूजा करने से जीवन में सफलता, शांति और सकारात्मकता आती है।
राशि अनुसार नौ रूप और उनके प्रभाव
1. मेष राशि – माँ शैलपुत्री
मेष राशि के जातक ऊर्जावान और नेतृत्व गुण वाले होते हैं। माँ शैलपुत्री की उपासना से साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है।
उपाय: लाल फूल और चंदन से पूजा करें।
2. वृषभ राशि – माँ ब्रह्मचारिणी
शांति और स्थिरता की प्रतीक। माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा वृषभ राशि वालों को मानसिक बल और धैर्य देती है।
उपाय: सफेद वस्त्र पहनें और दूध का भोग लगाएँ।
3. मिथुन राशि – माँ चंद्रघंटा
माँ चंद्रघंटा शांति और सामंजस्य का प्रतीक हैं। मिथुन राशि वालों के लिए यह देवी मानसिक संतुलन और आत्मबल बढ़ाती हैं।
उपाय: दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
4. कर्क राशि – माँ कूष्मांडा
माँ कूष्मांडा जीवन में नई ऊर्जा और सफलता का संचार करती हैं। कर्क राशि वालों के लिए यह देवी करियर में उन्नति लाती हैं।
उपाय: नारियल का भोग लगाएँ और मंदिर में दीपक जलाएँ।
5. सिंह राशि – माँ स्कंदमाता
सिंह राशि वाले स्वाभाव से नेतृत्वकारी होते हैं। माँ स्कंदमाता उनकी प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में वृद्धि करती हैं।
उपाय: पीले फूल और गुड़ का प्रसाद चढ़ाएँ।
6. कन्या राशि – माँ कात्यायनी
माँ कात्यायनी विवाह और संबंधों की देवी हैं। कन्या राशि वालों के लिए ये प्रेम और सामंजस्य लाती हैं।
उपाय: गुलाबी वस्त्र पहनें और माँ को सुगंधित पुष्प चढ़ाएँ।
7. तुला राशि – माँ कालरात्रि
माँ कालरात्रि नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करती हैं। तुला राशि के जातकों के लिए ये भय और संकटों से मुक्ति देती हैं।
उपाय: तिल के तेल का दीपक जलाएँ।
8. वृश्चिक राशि – माँ महागौरी
माँ महागौरी पवित्रता और शांति का प्रतीक हैं। वृश्चिक राशि वालों को मानसिक स्थिरता और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है।
उपाय: सफेद पुष्प और सुगंधित धूप से आराधना करें।
9. धनु से मीन राशि – माँ सिद्धिदात्री
माँ सिद्धिदात्री सभी सिद्धियों की दात्री हैं। इन राशियों के जातकों को आध्यात्मिक उन्नति, धन और सौभाग्य प्राप्त होता है।
उपाय: ध्यान और जप करें — “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे”।
ज्योतिषीय दृष्टि से महत्व
नवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि ग्रहों की ऊर्जा को संतुलित करने का श्रेष्ठ काल है। प्रत्येक देवी एक ग्रह से संबंधित होती हैं — जैसे माँ शैलपुत्री मंगल से, माँ ब्रह्मचारिणी शुक्र से और माँ कालरात्रि शनि से जुड़ी हैं।
इस अवधि में यदि सही मंत्र और उपाय किए जाएँ, तो जीवन के सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।
अंक ज्योतिष अनुसार नौ देवियाँ
आपका जन्मांक भी बताता है कि किस देवी की कृपा से आपका भाग्य चमक सकता है:
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जन्मांक 1–3: माँ शैलपुत्री
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जन्मांक 4–5: माँ कात्यायनी
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जन्मांक 6–7: माँ महागौरी
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जन्मांक 8–9: माँ सिद्धिदात्री
निष्कर्ष
नवरात्रि का हर दिन एक नया अवसर लेकर आता है। राशि और अंक के अनुसार सही देवी की उपासना से जीवन में समृद्धि, शांति और सफलता के द्वार खुलते हैं।
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