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मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है? – ज्योतिषीय दृष्टिकोण से महत्व

ज्योतिष शास्त्र में मकर संक्रांति को केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सूर्य देव के शुभ परिवर्तन और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के संतुलन का विशेष दिवस माना गया है। यह वह समय होता है जब प्रकृति, ग्रह और मानव जीवन एक नई दिशा की ओर अग्रसर होते हैं। अक्सर लोगों के मन में यह प्रश्न होता है कि मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है, पतंग उड़ाने, तिल-गुड़ बाँटने और पवित्र नदियों में स्नान करने का क्या आध्यात्मिक कारण है। आइए, इस पावन पर्व के पीछे छिपे गूढ़ ज्योतिषीय रहस्यों को समझते हैं। मकर संक्रांति क्या है? – शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति हिंदू पंचांग के उन विशिष्ट पर्वों में से एक है, जो चंद्रमा पर नहीं बल्कि सूर्य की गति पर आधारित होता है।“मकर” का अर्थ है मकर राशि (Capricorn) और “संक्रांति” का अर्थ है सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश। इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं।साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य का यह गोचर अत्यंत शुभ, सकारात्मक और फलदायी माना जाता है। उत्तरायण का आरंभ: मकर संक्रांति का सबसे बड़ा ज्योतिषीय कारण ज्योतिष शास्त्र में मकर संक्रांति का सबसे बड़ा महत्व उत्तरायण काल की शुरुआत से जुड़ा है। जब सूर्य दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की ओर गति करता है, तो इसे उत्तरायण कहा जाता है। यह काल— देवताओं का दिन शुभ कार्यों की शुरुआत आत्मिक जागरण का समय माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि उत्तरायण में किए गए— दान तप जप स्नान अक्षय पुण्य प्रदान करते हैं। इसी कारण मकर संक्रांति को महापुण्य काल कहा गया है। सूर्य का प्रभाव और मानव जीवन ज्योतिष के अनुसार सूर्य— ☀️ आत्मा का कारक☀️ आत्मबल और तेज का प्रतीक☀️ स्वास्थ्य और नेतृत्व शक्ति का ग्रह है। मकर संक्रांति के बाद सूर्य की किरणें पृथ्वी पर अधिक प्रभावी हो जाती हैं, जिससे— मानसिक ऊर्जा बढ़ती है आलस्य और नकारात्मकता कम होती है जीवन में नई शुरुआत की प्रेरणा मिलती है इसीलिए इस दिन सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति और फसल: कर्म और फल का सिद्धांत ज्योतिष में मकर संक्रांति को कर्म और फल के संतुलन का प्रतीक भी माना गया है। इस समय तक किसानों की फसल पककर तैयार हो जाती है। यह दर्शाता है कि— 🌾 परिश्रम का फल अवश्य मिलता है🙏 प्रकृति के प्रति कृतज्ञता आवश्यक है तिल और गुड़ का सेवन ज्योतिषीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।तिल शनि दोष शांति में सहायक माना जाता है और गुड़ सूर्य की ऊर्जा को संतुलित करता है। मकर संक्रांति पर दान-स्नान का महत्व शास्त्रों के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन— गंगा, यमुना या किसी पवित्र नदी में स्नान तिल, गुड़, वस्त्र और अन्न का दान विशेष पुण्य प्रदान करता है। कहा जाता है कि इस दिन किया गया दान सूर्य और शनि दोनों ग्रहों की कृपा दिलाता है और कुंडली के कई दोषों को शांत करता है। मकर संक्रांति क्यों मनाई जाती है? – ज्योतिषीय निष्कर्ष ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर संक्रांति मनाने के मुख्य कारण हैं: 1️⃣ सूर्य के उत्तरायण होने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार2️⃣ ग्रहों के संतुलन से जीवन में स्थिरता और उन्नति3️⃣ कर्म फल सिद्धांत के अनुसार परिश्रम की पूर्णता यह पर्व हमें सिखाता है कि— 🌞 अंधकार के बाद प्रकाश निश्चित है🌞 हर परिवर्तन जीवन को नई दिशा देता है ज्योतिषीय संदेश मकर संक्रांति हमें यह स्मरण कराती है कि जब सूर्य की दिशा बदल सकती है, तो मनुष्य का भाग्य भी बदल सकता है—बस सही समय, सही कर्म और सही मार्गदर्शन आवश्यक है। यदि आप मकर संक्रांति 2026 के ज्योतिषीय प्रभाव, उत्तरायण काल के लाभ और अपनी कुंडली पर सूर्य गोचर के असर को विस्तार से समझना चाहते हैं, तोAcharya Sharad Swaroop Ji से संपर्क करें।संपर्क नंबर: +91-9818359075

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2026 में सभी 12 राशियों के लिए शुभ और सौभाग्यशाली महीने

2026 में सभी राशियों के लिए शुभ महीने जानना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यह वर्ष ज्योतिष के अनुसार बड़े बदलाव और कर्म फल का संकेत देता है। शनि और वरुण ग्रह के गोचर के कारण हर राशि के लिए कुछ विशेष महीने अत्यंत भाग्यशाली सिद्ध होंगे, जबकि कुछ समय सावधानी की मांग करेंगे। इस Horoscope 2026 ब्लॉग में हम सभी 12 राशियों के लिए सबसे शुभ और लकी महीनों की जानकारी दे रहे हैं। साल 2026 सभी 12 राशियों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आने वाला साल है। यह साल ऐसा मोड़ लेकर आएगा, जो जीवन की दिशा ही बदल सकता है। कुछ लोगों के लिए यह वर्ष बड़ी सफलता और उन्नति का संकेत देगा, जबकि कुछ के लिए यह भावनात्मक सहनशक्ति और धैर्य की कड़ी परीक्षा बनेगा। 2026 में जैसे ही शनि (Shani) और वरुण (Neptune) ग्रह मेष राशि में गोचर करेंगे, वैसे ही सभी राशियों के करियर, आर्थिक स्थिति, रिश्तों और आत्मिक विकास में गहरे प्रभाव देखने को मिलेंगे। हर राशि पर इन ग्रहों का प्रभाव अलग-अलग होगा। किसी के लिए कुछ महीने अत्यंत शुभ सिद्ध होंगे, तो किसी को कुछ समय विशेष सावधानी बरतनी होगी। आइए जानते हैं 2026 में सभी 12 राशियों के शुभ और चुनौतीपूर्ण महीने, ताकि आप पहले से ही सही दिशा में कदम बढ़ा सकें। 2026 में सभी राशियों के लिए शुभ और अशुभ महीने ज्योतिष के अनुसार, 2026 एक ऐसा वर्ष है जो आपको पुराने अध्यायों को बंद कर, जीवन के नए स्तर की ओर ले जाएगा। ♈ मेष राशि (Aries) मेष राशि वालों के लिए 2026 नेतृत्व, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता का वर्ष रहेगा। शनि और वरुण का आपके ही राशि में प्रवेश आपको बड़ी ज़िम्मेदारियाँ देगा। शुभ महीने: जून से अक्टूबर – करियर और आत्मविश्वास में वृद्धिचुनौतीपूर्ण समय: पूरा वर्ष आत्म-संयम और धैर्य की मांग करेगा ♌ सिंह राशि (Leo) सिंह राशि वालों के लिए 2026 अपेक्षाकृत सकारात्मक और सौभाग्यशाली रहेगा। प्रेम और भाग्य दोनों का साथ मिलेगा। शुभ महीने: जनवरी से जून – प्रेम, रचनात्मकता और अवसरचुनौतीपूर्ण महीने: जुलाई से दिसंबर – स्वास्थ्य और खर्चों पर नियंत्रण रखें ♐ धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के लिए यह वर्ष अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाला रहेगा, लेकिन आत्म-विकास के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। शुभ महीने: वर्ष का पहला भाग – शिक्षा, कर्ज मुक्ति और योजना निर्माणचुनौतीपूर्ण समय: दूसरा भाग – स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन आवश्यक ♉ वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि वालों के लिए 2026 अतीत से सीख लेकर आगे बढ़ने का समय है। शुभ महीने: जून तक – धन संचय और निवेश के लिए अनुकूलचुनौतीपूर्ण महीना: अक्टूबर – शुक्र वक्री होने से पुराने रिश्ते और मुद्दे उभर सकते हैं ♍ कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि के जातकों के लिए 2026 निर्णायक बदलावों का वर्ष रहेगा, विशेषकर करियर और धन के क्षेत्र में। शुभ महीने: वर्ष का दूसरा भाग – नेटवर्किंग, प्रेम और विवाह योगचुनौतीपूर्ण महीने: मार्च और सितंबर – ग्रहण के कारण बड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं ♑ मकर राशि (Capricorn) मकर राशि वालों के लिए 2026 संघर्ष और सफलता दोनों का संतुलन लेकर आएगा। शुभ महीने: जून के बाद – विवाह और प्रेम संबंधों में स्थिरताचुनौतीपूर्ण समय: वर्ष की शुरुआत – कार्यक्षेत्र में प्रतिस्पर्धा ♊ मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के लिए 2026 स्थिरता और संतुलन का वर्ष रहेगा। शुभ महीना: फरवरी – प्रेम जीवन में मधुरता और आर्थिक लाभचुनौतीपूर्ण समय: पुरानी प्रोफेशनल समस्याएँ समाधान मांगेंगी ♎ तुला राशि (Libra) तुला राशि वालों को 2026 में भावनाओं और विवेक के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा। शुभ महीने: अप्रैल से सितंबर – भाग्य से जुड़े रिश्ते और प्रेम योगचुनौतीपूर्ण समय: पूरे वर्ष – संवाद की कमी से रिश्तों में तनाव संभव ♒ कुंभ राशि (Aquarius) कुंभ राशि वालों के लिए 2026 आर्थिक अनुशासन सिखाने वाला वर्ष रहेगा। शुभ समय: वर्ष की पहली तिमाही – बजट और भविष्य की योजनाविशेष शुभ महीना: अक्टूबर – फ्रीलांस और कंसल्टिंग से लाभचुनौतीपूर्ण महीने: फरवरी और अगस्त – ग्रहण के कारण मानसिक दबाव ♋ कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि के लिए 2026 पुनर्निर्माण और आत्म-उत्थान का वर्ष है। शुभ महीना: जून – आत्मविश्वास, पहचान और अवसरदूसरा शुभ समय: वर्ष का दूसरा भाग – संपत्ति और भरोसेमंद रिश्तेचुनौतीपूर्ण समय: वर्ष का पहला भाग – धैर्य और संयम आवश्यक ♏ वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि वालों को 2026 में उनके प्रयासों का फल अवश्य मिलेगा। शुभ समय: मार्च के बाद – आर्थिक स्थिति में सुधारविशेष शुभ महीना: अक्टूबर – मान-सम्मान और पहचानचुनौतीपूर्ण समय: वर्ष की शुरुआत और वर्षांत में सतर्कता जरूरी ♓ मीन राशि (Pisces) मीन राशि वालों के लिए 2026 कर्म फल और आध्यात्मिक जागरण का वर्ष होगा। शुभ समय: मार्च के बाद – प्रेम संबंधों में गहराईचुनौतीपूर्ण समय: पहले छह महीने – धन और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें अंतिम संदेश 2026 जीवन में नए अध्याय की शुरुआत का संकेत देता है। यह वर्ष आपको सिखाएगा कि कब धैर्य रखना है और कब साहस के साथ आगे बढ़ना है। यदि आप 2026 में अपनी राशि के अनुसार शुभ और भाग्यशाली महीनों, करियर, धन और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण समय को गहराई से समझना चाहते हैं, तोAcharya Sharad Swaroop Ji से संपर्क करें।संपर्क नंबर: +91-9818359075

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